Saturday, 8 December 2012

ठंडी आयी ठंडी आयी

ठंडी आयी ठंडी आयी

ठंडी आयी ठंडी आयी
अलबेली  ऋतु ठंडी आयी
खिड़की  दरवाजे  बंद भाई
संग  हवा पुरवाई लायी
बीत गए दिन  पंखो के
फ्रीज वाटर कूलर के
अब दिन  आये कम्बल के
गद्दे  और रजाई के
मम्मी बैठकर स्वेटर बुनती
दादी  बैठकर माला जपती
पापा  गरम समोसे खाते
हम कनटोप लगाये  फिरते
दिवाली की छुट्टी  बीती
पुस्तक फीकी कांपी रीती
मिठाई की धूम मचाई
एटम बम फुलझडी छुडाई
गीता  बोली मन्नूभाई
आओ  अब मिल करें पढाई
ठंडी आयी ठंडी आयी
अलबेली ऋतु  ठंडी आयी

      - सत्यनारायण सिंह

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