ठंडी आयी ठंडी आयी
ठंडी आयी ठंडी आयी
अलबेली ऋतु ठंडी आयी
खिड़की दरवाजे
बंद भाई
संग हवा पुरवाई लायी
बीत गए दिन पंखो के
फ्रीज वाटर कूलर के
अब दिन आये कम्बल के
गद्दे और रजाई के
मम्मी बैठकर स्वेटर बुनती
दादी बैठकर माला जपती
पापा गरम समोसे खाते
हम कनटोप लगाये फिरते
दिवाली की छुट्टी बीती
पुस्तक फीकी कांपी रीती
मिठाई की धूम मचाई
एटम बम फुलझडी छुडाई
गीता बोली मन्नूभाई
आओ अब मिल करें पढाई
ठंडी आयी ठंडी आयी
अलबेली ऋतु ठंडी आयी
- सत्यनारायण सिंह
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