नया साल लेकर
आया
नया साल लेकर आया
सपना नया सुहाना
सपना नया सुहाना
विगत साल में कुछ खुशियाँ
हमसे जो थी रूठीं
उम्मीदों की बैसाखी
जो कुछ पल चलकर टूटीं
मंज़िल पाते-पाते रह गई
चाह राह से भटकी
खट्टी मीठी यादों के संग
बीता साल पुराना
नया साल लेकर आया
सपना खूब सुहाना
हमसे जो थी रूठीं
उम्मीदों की बैसाखी
जो कुछ पल चलकर टूटीं
मंज़िल पाते-पाते रह गई
चाह राह से भटकी
खट्टी मीठी यादों के संग
बीता साल पुराना
नया साल लेकर आया
सपना खूब सुहाना
सागर की इक अंगड़ाई
जो कहर सैंडी बन ढायी मन हर्षाती लहरों में फँस लाखों ने जान गवायीं
नए साल से यही कामना अब लहरें कहर ना बरपें
फौलादी उम्मीदों के संग
खुशियों का नज़राना
नया साल लेकर आया
सपना नया सुहाना
जो कहर सैंडी बन ढायी मन हर्षाती लहरों में फँस लाखों ने जान गवायीं
नए साल से यही कामना अब लहरें कहर ना बरपें
फौलादी उम्मीदों के संग
खुशियों का नज़राना
नया साल लेकर आया
सपना नया सुहाना
गयी सोय फिर देश जगाकर दामिनी वीर सुहानी व्यर्थ कहीं ना जाए उस बिटिया की क़ुरबानी हर नारी के सजी रूप में माँ, बेटी अरु बहना निखरेगा इसी सोच संग मानवता का गहना नया साल लेकर आया
सपना नया सुहाना
सपना नया सुहाना
- सत्यनारायण सिंह