जय बाबा मांगीर
भाते मन को मीत से, हरते तन की पीर।
भाते मन को मीत से, हरते तन की पीर।
धन्य हुआ जग आप से, जय बाबा
मांगीर।।
जय बाबा मांगीर, मिटाते सब भव
बाधा।
भक्त समझ मन बात, दूर करते
अपराधा।।
कहे सत्य कविराय, सदा जो बाबा
ध्याते।
बाबा को वे भक्त, सदा हैं मन
से भाते।।
-सत्यनारायण सिंह